मैं कभी बतलाता नहीं… par semester से डरता हूँ मैं माँ – Dedicated to all Engineers


deddicate to all engineers by कुलदीप जाखड़—

मैं कभी बतलाता नहीं… पर semester से डरता हूँ मैं माँ . |😦

यूं तो मैं दिखलाता नहीं … grades की परवाह करता हूँ मैं माँ ..|

तुझे सब है पता ….है न माँ || किताबों में …यूं न छोडो मुझे..
chapters के नाम भी न बतला पाऊँ माँ |😥

वह भी तो …इतने सारे हैं….
याद भी अब तो आ न पाएं माँ …|

क्या इतना गधा हूँ मैं माँ ..:p

क्या इतना गधा हूँ मैं माँ ..||

जब भी कभी ..invigilator मुझे ..
जो गौर से ..आँखों से घूरता है माँ …

मेरी नज़र ..ढूंढे qstn paper…सोचूं यही ..
कोई सवाल तो बन जायेगा…..||

उनसे में …यह कहता नहीं ..बगल वाले से टापता हूँ मैं माँ |

चेहरे पे …आने देता नहीं…दिल ही दिल में घबराता हूँ माँ ||

तुझे सब है पता .. है न माँ ..|
तुझे सब है पता ..है न माँ ..||

मैं कभी बतलाता नहीं… par semester से डरता हूँ मैं माँ …|

यूं तो मैं दिखलाता नहीं … grades की परवाह करता हूँ मैं माँ ..|😀😡

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